नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026: 25 गाय की डेयरी यूनिट पर ₹31.25 लाख तक सब्सिडी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026: उत्तर प्रदेश में डेयरी व्यवसाय शुरू करने या अपने पशुपालन व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना बना रहे किसानों और पशुपालकों के लिए नंदिनी कृषक समृद्धि योजना महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश सरकार के नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित इस योजना का उद्देश्य स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों को बढ़ावा देना और प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाना है।
इस योजना के तहत 25 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है। आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार, सामान्य इकाई लागत ₹62.50 लाख होने पर अधिकतम ₹31.25 लाख और पांच गंगातीरी गायों वाली इकाई की ₹61 लाख लागत पर अधिकतम ₹30.50 लाख अनुदान का प्रावधान है। शेष राशि की व्यवस्था लाभार्थी के अंश और बैंक ऋण के माध्यम से की जाती है।
इस लेख में जानिए नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की पात्रता, गायों की नस्ल, जमीन की आवश्यकता, अनुदान की किस्तें, जरूरी दस्तावेज और आवेदन करने का तरीका।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026: Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | नंदिनी कृषक समृद्धि योजना |
| संबंधित मिशन | नंद बाबा दुग्ध मिशन |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| संबंधित विभाग | दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश |
| डेयरी यूनिट | 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गाय |
| सामान्य परियोजना लागत | ₹62.50 लाख |
| अधिकतम अनुदान | ₹31.25 लाख |
| पांच गंगातीरी गायों वाली इकाई | ₹61 लाख लागत और ₹30.50 लाख तक अनुदान |
| अनुदान का प्रतिशत | अधिकतम 50 प्रतिशत |
| अनुदान की किस्तें | 3 चरण |
| पशुपालन अनुभव | कम से कम 3 वर्ष |
| जमीन की आवश्यकता | 0.5 एकड़ आधारभूत संरचना और 1.5 एकड़ चारा उत्पादन |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन या ऑफलाइन, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/ |
महत्वपूर्ण: योजना की पात्रता, जिलेवार लक्ष्य और आवेदन की समय-सीमा संबंधित वर्ष की आधिकारिक विज्ञप्ति से जरूर जांचें। योजना के पोर्टल पर उपलब्ध विवरण और वर्तमान आवेदन अधिसूचना ही अंतिम आधार होंगे।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना क्या है?
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार के नंद बाबा दुग्ध मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य साहीवाल, गिर, थारपारकर और गंगातीरी जैसी स्वदेशी गायों की उन्नत नस्लों को बढ़ावा देना तथा व्यवस्थित डेयरी इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है।
इस योजना में 25 गायों की एक व्यावसायिक डेयरी यूनिट स्थापित करने पर ध्यान दिया गया है। इसलिए यह योजना उन पशुपालकों के लिए उपयोगी हो सकती है जिनके पास पहले से गोपालन या भैंस पालन का अनुभव, पर्याप्त जमीन और डेयरी संचालन की व्यवस्था है।
योजना का लाभ केवल गाय खरीदने तक सीमित नहीं है। लाभार्थी को पशुओं के लिए उचित आवास, पानी, चारा, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी करनी होती है। इसी कारण आवेदन से पहले पूरी परियोजना की योजना बनाना आवश्यक है।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में कितनी सब्सिडी मिलेगी?
योजना के अंतर्गत निर्धारित परियोजना लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है। वास्तविक अनुदान राशि स्वीकृत इकाई की लागत और लागू शर्तों पर निर्भर करेगी।
| खर्च का विवरण | राशि |
|---|---|
| 25 गायों की सामान्य इकाई की लागत | ₹62,50,000 |
| अधिकतम सरकारी अनुदान | ₹31,25,000 |
| लाभार्थी का 15% अंश | ₹9,37,500 |
| बैंक ऋण का 35% हिस्सा | ₹21,87,500 |
| कुल परियोजना लागत | ₹62,50,000 |
ऊपर दिया गया वित्तीय विभाजन आधिकारिक योजना पृष्ठ पर प्रकाशित 50 प्रतिशत अनुदान, 35 प्रतिशत बैंक ऋण और 15 प्रतिशत लाभार्थी अंश के अनुसार है। <sup>स्रोत: नंद बाबा दुग्ध मिशन</sup>
ध्यान दें: यह गणना सामान्य ₹62.50 लाख की इकाई के लिए है। यदि इकाई की स्वीकृत लागत अलग है, तो लाभार्थी का अंश और बैंक ऋण भी बदल सकते हैं। बैंक ऋण की स्वीकृति बैंक की जांच और शर्तों पर निर्भर करती है। अनुदान को बिना शर्त मिलने वाली अग्रिम नकद राशि न समझें।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में अनुदान 3 चरणों में कैसे मिलेगा?
योजना में अनुदान का भुगतान इकाई की स्थापना और निर्धारित शर्तें पूरी होने के आधार पर तीन चरणों में किया जाता है।
| चरण | कब मिलेगा? | अनुदान का आधार |
|---|---|---|
| पहला चरण | आधारभूत संरचना तैयार होने के बाद | इकाई लागत का 25 प्रतिशत |
| दूसरा चरण | गायों की खरीद के बाद | इकाई लागत का 12.5 प्रतिशत |
| तीसरा चरण | स्थापित इकाई में कम से कम 10 गायों की संतति उत्पन्न होने के बाद | इकाई लागत का 12.5 प्रतिशत |
इस प्रकार कुल 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। तीसरी किस्त के लिए निर्धारित प्रजनन संबंधी शर्त पूरी करना महत्वपूर्ण है। लाभार्थी को पशुओं की खरीद, पहचान के लिए ईयर टैगिंग, बीमा और अन्य जरूरी नियमों का भी पालन करना होगा।
इसलिए आवेदन करने से पहले यह समझ लें कि पूरी अनुदान राशि एक साथ मिलना जरूरी नहीं है। प्रत्येक चरण के सत्यापन और स्वीकृति के बाद ही संबंधित किस्त जारी की जाती है।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।
1. उत्तर प्रदेश का निवासी: आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए और संबंधित आवेदन प्रक्रिया की शर्तें पूरी करनी चाहिए।
2. पशुपालन का अनुभव: आवेदक के पास गोपालन अथवा महिष पालन का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इस अनुभव का प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) से प्रमाणित होना चाहिए।
3. जमीन की उपलब्धता: डेयरी की आधारभूत संरचना के लिए 0.5 एकड़ और चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़ जमीन आवश्यक है। इस प्रकार कुल 2 एकड़ भूमि की व्यवस्था करनी होगी।
4. जमीन का स्वामित्व या लीज: निर्धारित शर्तों के अनुसार जमीन स्वयं की, पैतृक, साझेदारी वाली या सात वर्ष के पंजीकृत अनुबंध पर ली गई हो सकती है। जमीन जलभराव से मुक्त होनी चाहिए।
5. पूर्व योजना का लाभ: पहले संचालित कामधेनु, मिनी कामधेनु या माइक्रो कामधेनु योजना के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
6. बैंक और वित्तीय व्यवस्था: आवेदक को परियोजना में अपना निर्धारित अंश लगाने की व्यवस्था करनी होगी। बैंक ऋण लेने की स्थिति में बैंक की पात्रता और स्वीकृति संबंधी शर्तें लागू होंगी।
आवेदन से पहले अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से पात्रता की पुष्टि करना उचित रहेगा।
कौन-कौन सी गायों की नस्ल खरीद सकते हैं?
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 25 गायों की इकाई के लिए निम्नलिखित स्वदेशी नस्लों का प्रावधान है:
साहीवाल: उत्तर भारत की प्रसिद्ध दुग्ध उत्पादक स्वदेशी नस्ल।
गिर: गुजरात से संबंधित स्वदेशी गाय की नस्ल।
थारपारकर: राजस्थान क्षेत्र से संबंधित स्वदेशी नस्ल।
गंगातीरी: गंगा घाटी क्षेत्र से संबंधित नस्ल; एक इकाई में अधिकतम पांच गंगातीरी गायों की अनुमति है।
आधिकारिक विवरण के अनुसार खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार ब्याई हुई होनी चाहिए और उसके ब्याने की अवधि 45 दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए। गायों की खरीद यथासंभव संबंधित नस्ल के मूल प्रजनन क्षेत्र से करने का निर्देश भी दिया गया है।
पशु खरीदने से पहले उनकी नस्ल, स्वास्थ्य, दूध उत्पादन और दस्तावेजों की जांच कराएं। खरीद की प्रक्रिया शुरू करने से पहले विभाग से लागू शर्तों की पुष्टि जरूर करें।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी होगा। अंतिम सूची संबंधित आवेदन फॉर्म और विभागीय निर्देशों से मिलाएं।
आधार कार्ड या मान्य पहचान पत्र।
उत्तर प्रदेश निवास प्रमाण पत्र।
जमीन के दस्तावेज, जैसे खसरा और खतौनी।
पशुपालन अनुभव प्रमाण पत्र, संबंधित CVO से प्रमाणित।
बैंक खाते की पासबुक या बैंक संबंधी दस्तावेज।
पासपोर्ट साइज फोटो।
डेयरी परियोजना की रिपोर्ट या बिजनेस प्लान।
यदि जमीन लीज पर है, तो निर्धारित अवधि का पंजीकृत लीज अनुबंध।
आवेदन फॉर्म में मांगे गए अन्य प्रमाण पत्र और घोषणाएं।
दस्तावेजों में नाम, पता, बैंक विवरण और जमीन से संबंधित जानकारी एक जैसी रखें। इससे सत्यापन के दौरान अनावश्यक परेशानी कम हो सकती है।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है, जब संबंधित आवेदन विंडो उपलब्ध हो।
Step 1: आधिकारिक पोर्टल https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/ खोलें।
Step 2: वेबसाइट पर नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का पेज और संबंधित वर्ष की विज्ञप्ति देखें।
Step 3: आवेदन आमंत्रित होने पर निर्धारित पंजीकरण या आवेदन प्रक्रिया का पालन करें।
Step 4: आवेदन फॉर्म में मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का विवरण और पशुपालन अनुभव की जानकारी भरें।
Step 5: आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें या निर्देशानुसार जमा करें।
Step 6: आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण जांचें और उपलब्ध होने पर आवेदन की रसीद या संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें।
Step 7: निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन की हार्ड कॉपी संबंधित जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
Step 8: विभागीय सत्यापन, चयन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा करें। चयन होने पर ही संबंधित निर्देशों के अनुसार डेयरी यूनिट स्थापित करें और अनुदान की किस्तों के लिए जरूरी शर्तें पूरी करें।
यदि आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होती है, तो आधिकारिक नियमों के अनुसार चयन समिति द्वारा ई-लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
ऑफलाइन आवेदन कहां करें?
योजना की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन की हार्ड कॉपी संबंधित जिले के CDO या CVO कार्यालय में जमा कराई जा सकती है। आवेदन की स्वीकार्यता, जमा करने का तरीका और अंतिम तारीख के लिए अपने जिले के संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।
आवेदन से पहले इन बातों का ध्यान रखें
पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके जिले के लिए संबंधित वर्ष में योजना का लक्ष्य जारी हुआ है या नहीं।
तीन वर्ष के पशुपालन अनुभव का प्रमाण समय रहते तैयार कराएं।
जमीन और लीज से संबंधित दस्तावेजों की वैधता जांचें।
डेयरी शेड, पानी, चारा और पशुओं की देखभाल के खर्च का अनुमान बनाएं।
बैंक ऋण की जरूरत हो तो बैंक से पात्रता और वित्तीय शर्तों की जानकारी लें।
गाय खरीदने से पहले विभाग से पशुओं की नस्ल, ब्यांत, बीमा और ईयर टैगिंग की शर्तों की पुष्टि करें।
केवल आधिकारिक पोर्टल और संबंधित विभागीय कार्यालय से मिली जानकारी के आधार पर आवेदन करें।
योजना में अनुदान स्वीकृति और भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार होता है। केवल आवेदन करने से अनुदान की गारंटी नहीं मिलती।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026: महत्वपूर्ण लिंक
| कार्य | लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक वेबसाइट | https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/ |
| नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी | https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/Nandani-Krishak-Samridhi-Yojna.php |
| योजना की विज्ञप्ति और लक्ष्य | https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/announcment.php |
| योजनाओं के आवेदन प्रपत्र | https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/download_scheme_form.php |
| शासनादेश | https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/download_gos.php |
ऊपर दिए गए लिंक नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल के हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित वर्ष की विज्ञप्ति, जिलेवार लक्ष्य और अंतिम तारीख जरूर जांचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
25 गायों की सामान्य इकाई की ₹62.50 लाख परियोजना लागत पर अधिकतम 50 प्रतिशत यानी ₹31.25 लाख तक अनुदान का प्रावधान है। वास्तविक स्वीकृति लागू शर्तों पर निर्भर करती है।
2. नंदिनी कृषक समृद्धि योजना किस राज्य में लागू है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार के नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजना है।
3. योजना के लिए कितनी जमीन चाहिए?
आधारभूत संरचना के लिए 0.5 एकड़ और चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़, यानी कुल 2 एकड़ जमीन की व्यवस्था आवश्यक है।
4. क्या तीन साल का पशुपालन अनुभव जरूरी है?
हां। आवेदक के पास गोपालन या महिष पालन का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसका प्रमाण संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से प्रमाणित हो।
5. क्या गंगातीरी गाय खरीद सकते हैं?
हां। 25 गायों की इकाई में अधिकतम पांच गंगातीरी गायों का प्रावधान है।
6. क्या अनुदान एक साथ मिलता है?
नहीं। योजना के नियमों के अनुसार अनुदान तीन चरणों में दिया जाता है। प्रत्येक चरण की निर्धारित शर्तें और सत्यापन जरूरी हैं।
7. आवेदन कहां करना होगा?
आवेदन के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट देखें। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन की हार्ड कॉपी संबंधित जिले के CDO या CVO कार्यालय में भी उपलब्ध करानी होती है।
8. क्या कामधेनु योजना के पुराने लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं?
आधिकारिक योजना विवरण के अनुसार पहले संचालित कामधेनु, मिनी कामधेनु या माइक्रो कामधेनु योजना के लाभार्थी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
9. क्या 2026 में आवेदन अभी खुले हैं?
आवेदन की वर्तमान स्थिति और अंतिम तारीख संबंधित वर्ष की आधिकारिक विज्ञप्ति से जांचें। वेबसाइट पर पंजीकरण की सूचना दिखाई देने मात्र से किसी विशेष योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख या जिलेवार लक्ष्य की पुष्टि नहीं होती।
निष्कर्ष
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर डेयरी व्यवसाय स्थापित करने की योजना बना रहे अनुभवी पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। 25 स्वदेशी गायों की इकाई पर अधिकतम ₹31.25 लाख तक अनुदान का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए निर्धारित जमीन, तीन वर्ष का पशुपालन अनुभव, वित्तीय व्यवस्था और अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी।
आवेदन करने से पहले अपने जिले की पात्रता, योजना का वर्तमान लक्ष्य और आवेदन की समय-सीमा आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांचें। सही दस्तावेजों और व्यावहारिक डेयरी बिजनेस प्लान के साथ आवेदन करने से प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है।
स्रोत: नंद बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश — https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/
अस्वीकरण: यह लेख योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। अनुदान, पात्रता, चयन और आवेदन की अंतिम शर्तें संबंधित विभाग के वर्तमान शासनादेश एवं विज्ञप्ति के अनुसार लागू होंगी।

